Boanthropy patient
Boanthropy
Boanthropy में मरीज़ स्वयं को गाय मानने लगता है

सुनने में यह बात अटपटी ज़रूर लगेगी मगर यह एकदम सच है! कुछ इंसान एक विचित्र बीमारी से ग्रसित हो जातें हैं जिसे बोअनथ्रोपी/Boanthropy कहते है। बोअनथ्रोपी एक मनोवैज्ञानिक विकार है जिसमें एक मानव खुद को गोजातीय या फिर कहें गाय मानने लगता है। इसमें व्यक्ति, एक भ्रम की स्थिति में, खुद को एक बैल या गाय मानने लगता है और उसी के अनुसार जीने और व्यवहार करने का प्रयास करने लगता है।

बड़ी ही गंभीर और विचित्र है यह बीमारी

Boanthropy
घांस तक चरने लागतें हैं इस बीमारी के मरीज़

इस स्थिति में, रोगी गाय की तरह चलने की कोशिश करने लगते है। वह ज़मीन पर ऐसे चलते हैं जैसे गाय अपने हाथ और पैरों का इस्तेमाल करके चलती है। वह सामान्य मनुष्यों की तरह बात करना बंद कर देते हैं और घास चरना पसंद करने लगते हैं। वह गाय जैसी ध्वनियाँ भी निकाल कर  दूसरों का ध्यान अपनी ओर खींचतें हैं।

अचानक वह एक स्वाद विकसित करते हैं और घास के लिए तरसते हैं। वह दिन भर बस गाय की तरह चरने में आनन्द पाते हैं और जो भी पौधे दिखें उन्हें खाने लगते हैं। बात यही ख़त्म नहीं होती। उनकी हालत यहाँ तक हो जाती है कि कभी कभी चारे की तलाश वह मवेशियों के झुंड में शामिल हो सकते हैं। व्यवहार, आहार से लेकर ध्वनियों तक, बोअनथ्रोपी के रोगी वास्तविक जीवन में गाय के चरित्र का चित्रण करने लगते हैं।

बोअनथ्रोपी/Boanthropy का कारण अभी भी अज्ञात है

बोअनथ्रोपी का कारण अभी भी अज्ञात है। कई लोग इसे धार्मिक धारणाओं से जोड़ते हैं जबकि अन्य लोग सोचते हैं कि यह जादू टोना और काले जादू से संबंधित है। विशेषज्ञों के अनुसार बोअनथ्रोपी अन्य मनोवैज्ञानिक बीमारियाँ जैसे सिज़ोफ्रेनिया और बाई पोलर डिज़ीज़ का एक अतिरिक्त पहलू भी हो सकता है। एक अच्छे खासे व्यक्ति hallucination या कहें मतिभ्रम में पड़ जाता है और उसी ऐसा प्रतीत होता है कि वह मनुष्य नहीं है। 

कैसे किया जाता है इस बीमारी का उपचार

चूंकि अभी तक Boanthropy के कारणों को बहुत अच्छी तरह से परिभाषित नहीं किया गया है इसलिए कोई उपचार भी ठोस रूप से विकसित नहीं हुआ है। अगर किसी मानव को आप चरते हुए देखें और उसे रम्भाने की आवाज़ भी निकालते देखें, तो स्पष्ट है कि उन्हें चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है। ऐसे में मनोचिकित्सक ऐसे में psycho-pharmacotherapy को प्राथमिकता देते हैं ताकि किसी व्यक्ति को भ्रम की स्थिति से छुटकारा मिल सके।

इसलिए यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं या आपका कोई दोस्त है जो गायों का शौकीन है, उसे घास खाने की लत लग रही हो है और उनके साथ अपना समय बिताना पसंद करता है तो बस याद रखें कि वह एक मनोवैज्ञानिक विकार से पीड़ित है।

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