Clocks Watches set at 10:10?

इस लेख को पढने के बाद आप शर्तिया आपका घड़ियों को देखने का नजरिया बदल जाएगा!

कोई तो ऐसा राज़ होगा विज्ञापनों में अक्सर या फिर कहें हमेशा तस्वीरों में 10 बजके, 10 मिनट ही बजे होते हैं। चाहे घड़ी महंगी हो या फिर सस्ती इसी वक्त को विज्ञापन की तस्वीरों में क्यों चुना जाता है? इस समय को लेकर बहुत सी भ्रांतियां भी हैं। हमने इसके पीछे क्इया राज़ है , यह जानने की कोशिश करी। खोज बीन में बहुत सी धारणाओं और मि मिथकों से वास्ता पड़ा जो सचमुच बहुत मजेदार हैं। चलिए पहले इन मिथकों की जानकारी आपको दें।

सुबह के 10:10 के पीछे के मिथक – Why are clocks watches set at 10:10 time

पहला मिथक: अमरीकी राष्ट्रपतियों की रहस्यमय मौत

सबसे पहले इस मनोरंजक अमरीकी मिथक को सुन लें। लोगों का दिम्माग झूठ फैलाने में बहुत आगे है। अमरीका में बहुत से लोग ऐसे हैं जो यह सोचते कि विज्ञापनों और इन-स्टोर डिस्प्ले में घड़ियों को अब्राहम लिंकन, जॉन एफ कैनेडी और मार्टिन लूथर किंग जूनियर को याद करने के लिए इस तरह से सेट किया गया है क्योंकि यही वह समय था जब उन्हें गोली मार दी गई थी और उनकी मृत्यु हो गई थी। एक ही वक़्त पर इतने बड़े बड़े दिगाजों की मौत? हो गए न आप भी हैरान?

दरसल सच   कुछ और है। वास्तव में, लिंकन को रात 10:15 बजे गोली मार दी गई थी  और अगली सुबह 7:22 बजे उनकी मृत्यु हो गई थी। जेएफके को दोपहर 12:30 बजे गोली मार गई और दोपहर 1 बजे मृत घोषित कर किया गया था। मार्टिन लुठेर किंग को शाम 6:01 बजे गोली मारी गयी और उन्हें शाम 7:05 बजे मृत घोषित कर दिया गया। तो अमरीकी महापुरुषों वाली अफवाहें तो सरासर झूठ हैं।

दूसरा मिथक: बुरा समय जब नागासाकी हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया गया था

एक अन्य थ्योरी के अनुसार प्रात: 0:10 वह बुरा समय था जब नागासाकी या फिर  हिरोशिमा पर परमाणु बम गिराया गया था, और यह सेटिंग हताहत हुए लोगों की दुखद याद में है। अलेकिन सच यह है कि फैट मैन बम वास्तव में स्थानीय समयानुसार सुबह 11:02 बजे और लिटिल बॉय को स्थानीय समयानुसार सुबह 8:15 बजे गिराया गया था। कहां तक सोच लेतें हैं लोग मानो झूठ की फैक्ट्री खोल रखी हो।

अब असली कारण भी जान लीजिए

तो जनाब 10:10 के समय की सेटिंग का असली कारण भला है क्या? जवाब है-सौंदर्यशास्त्र! चौंक गए न? लेकिन यह ही सत्य है। आखिर 10:10 की पोजीशन घड़ी(Clocks watches set at 10:10) या उसकी लुक को क्या क्या लाभ देती है, आईये जानते हैं।

अजब गजब: घड़ी में 10:10 बजे पर क्यों रुकी रहती हैं सुईयां?

• इस स्थिति में घडी की सुइयां ओवरलैप नहीं करती हैं, इसलिए वह पूरी तरह से और स्पष्ट रूप से दिखाई देती है और उसके स्टाइल निखर कर दिखती है और प्रशंसा योग्य बनती है।

• सुइयों की व्यवस्था सममित या सिमेट्रिकल होती है, जिसे लोग आम तौर पर विषमता (asymmetry) की तुलना में अधिक सुखद पाते हैं। नतीजन उत्पाद ग्राहकों को अधिक आकर्षक लगता है।

• निर्माता का लोगो चिन्ह, आमतौर पर घडी के बीच में 12 अंक के नीचे सुंदर लगता है और लोगो अच्छी तरह से निखरकर दिखता है।

• घडी पर अतिरिक्त तत्व (जैसे दिनांक विंडो या द्वितीयक डायल), आमतौर पर 3, 6, या 9 के पास रखे जाते हैं और सुयिओं की इस पोजीशन से अस्पष्ट नहीं होते है।

टाइम्स के एक्सपर्ट्स से मिली जानकारी – Reason Why Clocks Watches set at 10:10?

घड़ियों की जानी मानी कंपनी Timex के विशेषज्ञों के अनुसार वह 10:10 से ज़रा हटकर अपने उत्पादों को अब ठीक 10:09:36 पर सेट करते हैं । पहले इनकी  मानक सेटिंग 8:20 हुआ करती थी, लेकिन इससे चेहरा ऐसा लग रहा था जैसे किसी का उदास चेहरा हो। उत्पादों को “प्रसन्न मुद्रा” में दिखाने के लिए, सेटिंग को एक मुस्कान में बदल दिया गया था!

कई मामूली सी लगने वाली बातों के पीछे कितनी अजीबो गरीब बातें और अफवाएं छुपी होती है, सच में इंसानी दिमाग की कोई तुलना नहीं ! कई बार लगता है कि इंसानों से जानवर ही भले हैं, उन्हें ना तो समय की चिंता है ना घड़ी की।

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